Wednesday, December 21, 2011

Farewell

तारों के साथ पुराना नाता रहा है,
अक्सर खिड़की के सामने खड़े हो जाते
और आसमाँ में तारों को खोजते |
फिर एक दिन अचानक तू सामने आ खड़ी हुई
और हमारी खोज बंद हुई |

आज तू हमें छोड़ जा रही है,
तो दिल मानता नहीं, क्या करें ?
अपने आप को आशवासन दिलाता हूँ
की भई, तारों के साथ तो पुराना नाता रहा है
तू जहाँ कहीं भी जाये, तुझे खोज निकालेंगे ज़रूर |

~ अविनाश पात्रा